कश्मीर के "उरी" की घटना के बाद चारों तरफ शोर हो रहा है कि भारत को पाकिस्तान पर तुरंत आक्रमण करके मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए तभी सेना के जवानों का मनोबल बढ़ेगा |
युद्ध शुरू करना सरल है परन्तू उसे समेटना इतना आसान नहीं है | युद्ध मे हमारे जवानों को भी मौत के मुंह मे ढ्केलने जैसा होगा | हम हज़ार मारेंगे तो वो भी हमारे 100-200 जवानों को तो मारेंगे ही |
इससे अच्छा यह है कि पाकिस्तान मे स्थित आतंकवादी ट्रेनिंग केम्प को निशाना बनाया जाय,जहां से हमारे ऊपर हमले की उत्पत्ति होती है |
दूसरा हाफिज़, मसूद और शालाडुदीन जैसे सरगनाओं को उनके ठिकानों पर तबाह किया जाय |
तीसरा,कश्मीर मे रहने वाले उनलोगों से निपटा जाय जो पाकिस्तानी आतंकवादी को पनाह देने,उनकी सार संभाल लेने और उनको गुप्त सूचना पहुंचाने का काम कर रहे है| इन लोगों को गिरफ्तार करके कश्मीर की जेलों मे रखने की बजाय अंडमान निकोबार की जेलों मे कम से कम दो वर्ष तक रखा जाए |
पाकिस्तान की सीमा पर उनकी फौज से आमने सामने लड़ाई का कोई परिणाम नहीं मिलने वाला है , इससे हमारे जान माल की हानि अधिक होने वाली है |
करुणा शंकर ओझा
email: ks_ojhaji@yahoo.com
युद्ध शुरू करना सरल है परन्तू उसे समेटना इतना आसान नहीं है | युद्ध मे हमारे जवानों को भी मौत के मुंह मे ढ्केलने जैसा होगा | हम हज़ार मारेंगे तो वो भी हमारे 100-200 जवानों को तो मारेंगे ही |
इससे अच्छा यह है कि पाकिस्तान मे स्थित आतंकवादी ट्रेनिंग केम्प को निशाना बनाया जाय,जहां से हमारे ऊपर हमले की उत्पत्ति होती है |
दूसरा हाफिज़, मसूद और शालाडुदीन जैसे सरगनाओं को उनके ठिकानों पर तबाह किया जाय |
तीसरा,कश्मीर मे रहने वाले उनलोगों से निपटा जाय जो पाकिस्तानी आतंकवादी को पनाह देने,उनकी सार संभाल लेने और उनको गुप्त सूचना पहुंचाने का काम कर रहे है| इन लोगों को गिरफ्तार करके कश्मीर की जेलों मे रखने की बजाय अंडमान निकोबार की जेलों मे कम से कम दो वर्ष तक रखा जाए |
पाकिस्तान की सीमा पर उनकी फौज से आमने सामने लड़ाई का कोई परिणाम नहीं मिलने वाला है , इससे हमारे जान माल की हानि अधिक होने वाली है |
करुणा शंकर ओझा
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